Saturday, 13 April 2019

चमसाकार हाथ के आकार वाले इंसान होते है शोध कर्ता !

नमस्कार दोस्तों जय गुरु देव जय माँ पंचांगुली देवी ! दोस्तों किसी भी इंसान बारे में जानने के लिए सम्पूर्ण हाथ के अध्यन से पहले
अगर हम सिर्फ हाथ के आकार का भी अध्यन कर लेते है तो हम जातक के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी प्राप्त करने में सफल हो जाते है !जैसा की मैंने बताया है की चमसाकार आकार हाथ वाले इंसान शोध कर्ता इंसान होते है ! सबसे पहले ये जानने की जरूरत है  चमसाकार हाथ होता कैसा है ? जैसा की आप इस चित्र में देख पा रहे है पीछे से चौरा और आगे से पतला या आगे से चौरा पीछे से पतला हाथ यानि चम्मचे के आकार का हाथ चमसाकार हाथ कहलाता है ! दूसरी बात इस प्रकार के हाथ की अंगुलियों के बीच में छिद्र होते है !अगर इस हाथ में अंगुलिया टेडी मेडी है तो और ज्यादा अच्छा है ! ऐसे जातक के हाथ में विशेष रूप से मंगल शनि और गुरु पर्वत विशेष रूप से उन्नत होता है !इस हाथ का आकार न छोटा होता है ना ही बड़ा होता है समकोण हाथ से मिलता जुलता कह सकते है !इस हाथ में  बुध पर्वत की अंगुली टेडी ही पायी जाती है !ऐसे हाथ की जीवन रेखा में कोई ना कोई दोष अवश्य होता है !अगर हाथ भारी है तो अंगुलियों में छिद्र पक्का पाए जायेंगे !इसके अलावा हाथ में ह्रदय रेखा की कोई ना कोई साखा मस्तिष्क रेखा को जरूर छूती है !चमसाकार हाथ में भाग्य रेखा जीवन रेखा से ही निकली होती है ,अगर जीवन रेखा से ना निकले तो कोई ना कोई रेखा जीवन रेखा और भाग्य रेखा के बीच में संबंध जरूर बनती है !ऐसे हाथ में मंगल रेखा ,अंतर् ज्ञान रेखा ,और सूर्य रेखा अवश्य ही होती है !ऐसे हाथ में किसी ना किसी आयु में एक से अधिक भाग्य रेखा होती है ! एक विशेष बात ऐसे जातक ज्यादातर पहले नौकरी और बाद में अपना व्यापार करते है ,कई बार ये सम्पूर्ण जीवन नोकरी में भी गुजार देते है !अगर हाथ में अन्य सुबह संकेत हो तो ये जातक ज्यादातर सरकारी नौकरी में होते है !एक और विशेष बात चमसाकार हाथ वाले जातक का भाग्य उदय ३५ के बाद ही होता है ,३५ तक ये लोग बहुत ज्यादा संघर्ष का सामना करते है !
ऐसे जातक जल्दबाज क्रन्तिकारी ,गर्म मिजाज वाले इंसान होते है !ये किसी के दबाब में कभी भी नहीं रह सकते !न ही कभी किसी पर आश्रित हो सकते है !ये पूर्ण रूप से स्वनिर्मित स्वाभिमानी किस्म के इंसान होते है !इन जातको की जैसे जैसे आयु भड़ती जाती है वैसे वैसे समाज में इनका प्रभाव भड़ता जाता है !चमस्कार हाथ में जैसा मैंने पहले बताया की हर्दय रेखा की कोई ना कोई शाखा मस्तिष्क रेखा को अवश्य छूती है इसका साफ मतलब है की जातक भौक किस्म का इंसान होता है ,ऐसे जातक को बचपन में बहुत ज्यादा रोने की आदत होती है !
ऐसे जातक को जीवन में उतर चढाव का सामना करना ही परता है ,इतना ही नहीं ऐसे जातक को जीवन में पारिवारिक सुख भी नहीं मिल पाता है !न ही परिवार के लोगो से सहयोग मिल पाता है ! ऐसे जातक सबसे पहले अपने परिवार में ही क्रांति करते है !अगर भाग्य रेखा पर बड़ा द्वीप है तो इन्हे मृत्यु तुल्य कस्ट का सामना करना परता है !ये जीवन में लगभग ऊब जाते है तब जा कर इन्हे सफलता मिलती है !लेकिन एक बार सफलता मिलना सुरु होने के बाद ये अपने खानदान की प्रतिष्ठा में चार चाँद लगा देते है !ये जीवन में कई बार स्थान परिवर्तन करते है ! ये जोश से भरपूर होते है !ये भावुक और प्रकर्ति प्रेमी होते है !
सबसे मुख्य बात ऐसे जातको का भूड़ापा बहुत ही अच्छा होता है !ऐसे इंसान खुद कभी भी गलत काम करने वाले इंसान नहीं होते है ,है अगर गलत सांगत में पर जाये या जोश में आजाये तो गलत काम कर सकते है ! ऐसे जातक स्पस्ट वादी और अखर किस्म के इंसान होते है !इनके दिमाग में अगर कोई सवाल आगया तो जब तक उसका जबाब नहीं मिलता ये बेचेन हो जाते है ! इनके संबंधी या दोस्त ज्यादातर फौज पुलिस या तकनिकी काम करने वाले इंसान होते है ! या फिर अध्यापक भी हो सकते है !ऐसे जातको को भूमि और जानवरो से विशेष लगाव होता है !इनको दांतो से समबन्दित परेशानी का अवश्य सामना करना परता है ! ऐसे जातको को अपनी बड़ाई सुनने का बड़ा सोख होता है !इनकी पति पत्नी के साथ खा सुनी चलती रहती है !
चमसाकार हाथ वाले जातक बहुत कुछ सीखना चाहते है लेकिन पूर्णता किसी में भी प्राप्त नहीं कर पाते है !लेकिन अगर अन्य सुबह संकेत हाथ में है तो ऐसे जातक शोधकर्ता या वैज्ञानिक होते है !ये अपने अविष्कार से सम्पूर्ण दुनिया में अपना नाम रोशन करते है !चमसाकार हाथ वाले इंसान की ओलाद को फेफड़ो से या हर्दय से समबन्दित बीमारी होने की सम्भावना होती है !ऐसा भी माना जाता है की चमसाकार हाथ वाले इंसान की पहली संतान अगर लड़का है तो उसकी मोत की सम्भावना है ! लेकिन अगर पति पत्नी में से किसी की भी आयु २२ वर्ष से अधिक है तो ये दुर्घटना नहीं घटती या सम्भावना काम हो जाती है !ऐसे जातक अपने जीवन साथी के चरित्र पर भी संदेह करते है क्यूंकि वो बोल चाल में तेज होती है ! चमसाकार आकार वाले इंसान को माँ बाप या सास ससुर में से किसी एक का ही प्यार मिल पाता है !चमसाकार हाथ वाले इंसान को लड़के ज्यादा होते है लडकिया काम होती है !इनकी संतान भी तेज दिमाग की होती है ,ज्यादातर इनकी संतान का विवाहिक जीवन खराब ही देखा जाता है !चमस्कार हाथ वाले इंसान को अपने धन के उपभोग का समय नहीं मिल पाता वो धन सिर्फ अपनी सन्तानो के लिए ही इक्ठा कर्ता है !अगर चमसाकार हाथ में मोटी अंगुलिया हो तो ये अचानक धन लाभ का संकेत है !
धन्यवाद दोस्तों ! अगर आप हस्त रेखा विज्ञानं सीखना चाहते है तो फ़ोन करे 9351497829 या 8107958677
palmist R
ataan 

Saturday, 6 April 2019

हस्त रेखा विज्ञानं का इतिहास और महत्त्व

दोस्तों नमस्कार जय गुरु देव ! दोस्तों आज हम बात करेंगे हस्त रेखा विज्ञानं के इतिहास और हस्त रेखा विज्ञानं के महत्व  की !हस्त रेखा विज्ञानं मूल रूप से समुद्र ऋषि लिखित समुद्र शास्त्र का अभिन्न अंग है ! हस्त रेखा विज्ञानं के बारे में कहा  गया है ,ये वो जन्म कुंडली है जो स्वय ब्रह्मा जी द्वारा लिखित है ,जिसको कोई नहीं बदल सकता इस जन्म कुंडली का अगर आपको सच में अध्यन करना आता है तो आप किसी का भी भूत भविष्य और वर्तमान जान सकते है !ये सच है हस्त रेखा विज्ञानं अति प्राचीन अगर हिन्दू महाग्रंथों की बात की जाये तो हस्त रेखा विज्ञानं का बहुत अच्छे उदहारण मिलते है !जैसे रामचरित्र मानष के बालकाण्ड में एक दोहा है , जब  हिमालय राजा पर्वतराज हिमालय की पुत्री गिरिजा जब विवाह योग्य हो जाती है तो उनको उसके विवाह की चिंता होती है ,तब वो देव मुनि नारद जी को बुलाते है और वो कन्या का हाथ देख कर एक दोहा बोलते है ;-
                                     जोगी जटिल ,अकाम मन नग्न अमंगल भेष !
                                    अस स्वामी एही कहि ,मिलहि परी हस्त रेख !!
हे पर्वत राज इस कन्या के हाथ में ऐसी रेखा पड़ी है जिसके अनुसार इसका पति तीनो लोको का स्वामी होते हुए भी बरागी होगा !सब को मंगल देने वाला होने के बावजूद स्वयं अमंगलकारी भेष भूसा धारण ,जटाजूट रखने वाला कामदेव को दग्ध करने वाले देवो के देव महादेव होंगे !
इस लिए हम कह सकते है हस्त रेखा विज्ञानं अति प्रचीन है !
हस्त रेखा विज्ञानं और ज्योतिष में एक बहुत बड़ा फरक है दो जुडवा बच्चों का भविष्य एक जैसा नहीं हो सकता ,जबकि कुंडली दोनो की एक जैसी ही होगी !लेकिन दो इंसानो की हस्त रेखा कभी एक जैसी नहीं हो सकती !
मेरा मानना है तीनो लोको में हस्त रेखा विज्ञानं से भड़ कर कोई ज्ञान नहीं हो सकता !
अगर बात करे हस्त रेखा विज्ञानं के इतिहास की अगर बात की जाये तो कस्यप ऋषि का एक श्लोक अध्यन आवश्यक है ! जिसमे कहा गया है आर्यवर्त में ज्योतिष के १८ आचार्य का योगदान कभी भोला नहीं जा सकता जो की निम्न कर्मानुसार है !
१ सूर्य २ पितामह ३ व्यास ४ वसिष्ठ ५ अत्रि ६ परासर ७ कस्यप ८ नारद ९ गर्ग १० मरीचि ११ मनु १२ अंगिरा १३ लोमेश १४ पोइलिश ,१५ च्यवन १६ पवन १७ भृंगु १८ शोनक !
ये १८ ज्योतिष के पर्वतक दुरन्धर आचार्य हुए है !इतिहास कारो के अनुसार हस्त रेखा विज्ञानं में विदेशी विद्वानों का संबंध दो से तीन हजार साल पुराना है !जबकि भारत में ये लाखो साल से है ! क्यूंकि वेदो को हमने लाखो साल पुराना माना है और वेदो में भी हस्त रेखा विज्ञानं का उल्लेख है !अथर्व वेद के ७.५२.८ में एक श्लोक है जिसमे कहा गया है :-
कृतं दक्षिणे हस्त ,जयो में स्वय आहितः !
अर्थात  मेरे दाये हाथ में वर्तमान है तो बाए हाथ में भूतकाल ! क्यूंकि हम सब जानते है दाये हाथ से वर्तमान देखा जाता है जबकि बाये हाथ से भूत काल या पूर्वजन्म को देखा जाता है !
तो इस बात में तो कोई सक नहीं है की हस्तरेखा विज्ञानं का उदय हिंदुस्तान से ही हुवा है और यही से विदेशो में गया है ! विदेशो में ये ईशा से करीब ४०० साल पहले चला गया था ,विदेशी विद्वानों की अगर बात की जाये तो सर्वपर्थम एरिस्टोटल का नाम आता है ये ग्रीक विद्वान् थे जिनका जन्म ईशा से ३८४ से ३२२ वर्ष पूर्व हुवा इन्होने जिस ग्रंथ की रचना की उसका नाम chyromantia aristotelis cum figuris  और de coeio et mundicausa है जिसका प्रकाशन पूर्ण रूप से १५३९ ईस्वी में लेटिन भासा में हुवा ! उनके बाद काफी विदेशी विद्वानों ने हस्त रेखा विज्ञानं के प्रचार प्रसार में सहयोग दिया जिसमे मुख्य रूप से हिप्पोक्रेट ,एनोग्रेश,अल्बर्ट मेगनेश ,हिस्पानसः,अग्रीपा कर्नेलेश ,जॉर्ज बिलियम बेनहम और प्रोफेसर केरो के नाम मुख्य रूप से लिया जा सकता है ! अगर बात की जाये भारतीय विद्वानों की तो वर्तमान काल में डॉ भोजराज दिवेदी जी और सतगुरु डॉ नारायण दत्त श्रीमाली जी का सहयोग बहुत बड़ा है ,इन्होने हस्त रेखा विज्ञानं का बारीकी से अध्यन करके समाज को नए फार्मूले प्रदान किये ! इस लिए दोस्तों हस्त रेखा विज्ञानं का विशेष महत्व है ,अगर आप इसका बारीकी से अध्यन करते हो तो आप किसी भी इंसान के जीवन का बारीकी से विश्लेषण कर पावोगे !
अगर आप हस्त रेखा विज्ञानं सिखने के इच्छुक है तो कॉल करे !
palmist  Rataan 9351497829 ,8107958677

Monday, 18 March 2019

हाथ में गजकेशरी योग और अमला योग देते है बादसाह जैसी जिंदगी !

दोस्तों नमस्कार जय गुरुदेव | नमो निखिलं | दोस्तों अगर हाथ में शुभ योग हो तो इंसान रैंक से राजा बन सकता है !ऐसे बहुत से योग होते है , ऐसी श्रंखला में आज हम चर्चा करेंगे गज केशरी योग व् अमला योग की ! अगर हाथ में गुरु पर्वत शनि पर्वत ,सूर्य पर्वत बुध पर्वत और शुक्र पर्वत उन्नत हो ,भाग्य रेखा ,जीवन रेखा ,मस्तिष्क रेखा ,ह्रदय रेखा ,और सवास्थ्य रेखा उन्नत हो ! साथ में हाथ में सूर्य रेखा भी हो !इसमें सबसे मुख्य बात ये है भाग्य रेखा का उदय मणिबंद से हो ! इसके आलावा भाग्य रेखा के सुरवात में मत्स्य का निशान होना जरुरी है !ऐसे जातक जीवन में बहुत ज्यादा उन्नति करते है ! ऐसे लोग बिलकुल गरीब परिवार में पैदा हो कर राजा जैसा जीवन जीते है !इस योग के बारे में एक विशेष बात कहि जाती है ! अगर उपरोक्त साइन दोनो हाथो में हो तो इसका फल     100 % मानना चाहिए ! अगर एक हाथ में हो तो फल आधा मानना चाहिए !
जिन लोगो के हाथ में गज केशरी योग होता है वो लोग विश्व विख्यात होते है !ये अपनी सात पुस्तो का नाम रोशन करते है ! ऐसे लोग जब इस दुनिया से चले भी जायेंगे तब भी ये दुनिया के दिलो में जिन्दा रहते है|
ऐसे ही हम बात करते है अमला योग की ! 
अगर हाथ में चंद्र पर्वत विकसित हो !साथ में सूर्य बुध और शुक्र पर्वत पूर्ण रूप से उन्नत हो !तथा चंद्र रेखा बुध पर्वत तक जाती हो !ऐसी स्थति में हाथ में अमला योग बनता है !जिस जातक के हाथ में अमला योग होता है ऐसे जातक बुद्धिमान चतुर प्रसिद्धि प्राप्त करने वाले इंसान होते है !आर्थिक और भौतिक द्र्स्टी से ऐसा इंसान पूर्ण रूप से सम्पन होता है !ऐसे इंसान व्यापारिक कार्यो के लिए कई बार विदेश जाता है !और सफलता प्राप्त करता है !अगर ऐसे इंसान का शुक्र पर्वत उन्नत हो और शुक्र पर्वत पर बाधा रेखाएं ना हो तो ऐसा इंसान अपनी पत्नी के आलावा अनेक स्त्रियों का सुख भोगता है !और जीवन में उसे बदनामी का सामना नहीं करना पड़ता !

Saturday, 2 March 2019

हाथ देखने का सम्पूर्ण सही तरीका !

दोस्तों नमस्कार जय गुरु देव , नमो निखिलं ! दोस्तों हस्त रेखा विज्ञानं का विशेष महत्व है ,लेकिन अधूरे ज्ञान की वजह से हस्त रेखा शास्त्र का महत्व कमआँका जाने लगा है !इस लिए आज का ये लेख ऐसी विषय को लेकर है की किसी हाथ का सम्पूर्ण अध्यनकैसे करे !
दोस्तों हाथ देखने के लिए सबसे पहले हमें हाथ के आकार का अध्यन करना चाहिए !
हाथ का आकार मुख्य रूप से ५ प्रकार का होता है !
१ बहुत बड़ा हाथ ( ऐसा जातक या तो मजदूर किस्म का इंसान होता है या ऐसा इंसान दूसरे के दिमाग से चलता है )
२ बड़ा हाथ ( ऐसे लोग ज्यादातर शासन करने वाले धनी मानी लोग होते है !)
३ सामान्य हाथ (  ऐसे लोग पूर्ण रूप से धार्मिक व् सामाजिक किस्म के लोग होते है )

४ छोटा हाथ ( ऐसे लोग स्वार्थी किस्म के लोग होते है )
५ बहुत छोटा हाथ ( ऐसे लोग विस्वाश के काबिल इंसान नहीं होते है ऐसे लोग अपने स्वार्थ के लिए किसी की हत्या भी कर सकते है या करवा सकते है )
उसके बाद हाथ की प्रकर्ति का अध्यन किया जाता है ! हाथ की प्रकर्ति मुख्य रूप से ४ प्रकार की होती है !
१ नरम हाथ ( ऐसे लोग भावनात्मक किस्म के इंसान होते है )
२ बहुत ज्यादा नरम हाथ ( ऐसे लोग आलसी किस्म के इंसान होते है लेकिन जीवन में सभी प्रकार के सुखो का भोग भी करते है !)
३ सख्त हाथ ( ऐसे लोग मेहनती और ईमानदार इंसान होते है !)
४ अति सख्त हाथ ( ऐसे इंसान मजदूर किस्म के इंसान होते है ,ऐसे लोग दूसरे के दिमाग से संचालित होते है !)
इसके बाद हाथो के रंग का अध्यन करना चाहिए !
हाथो के मुख्य रूप से ४ प्रकार के रंग होते है !
१ गुलाबी हाथ ( ऐसे लोग जीवन में पूर्ण सुख का लाभ प्राप्त करते है ऐसे लोग सामजिक रूप से सम्मानित इंसान होते है !)
२ पीला रंग  ( ऐसे लोग चिडचिड़े किस्म के रोगी लोग होते है !)
३ लाल रंग ( लाल रंग इंसान में उत्तेजना को दर्शाता है )
४ अति लाल रंग ( ऐसे लोग बहुत ज्यादा ग़ुस्से वाले होते है )
रंगो के बाद त्वचा का अध्यन करना चाहिए !
त्वचा दो प्रकार की होती है !
१ रूखी त्वचा ( ऐसे जातक हार्डवर्कर होते है .इनको जीवन में जो भी मिलता है बड़ी कठिनाई से मिलता है !)
२ चिकनी त्वचा  ( चिकनी त्वचा का मतलब जीवन में सफलता की परिचायक है )
ऐसे जातक जीवन सभी प्रकार के सुखो का भोग प्राप्त करते है !
इसके बाद हमें हाथो के प्रकार का अध्ययन करना चाहिए ! हाथ मुख्य रूप से ८ प्रकार के होते है !
१ प्रारम्भिक हाथ  ( ऐसे जातक संस्कारी ,सामाजिक ,नीतिज्ञ ,और साशन कर्ता होते है )
२ समकोण हाथ  ( ऐसे जातक सामाजिक और धार्मिक होते है )
३ चमसाकार हाथ ( ऐसे जातक शोधकर्ता होते है )
४ कलात्मक  हाथ  ( ऐसे जातक कलाकार होते है )
५ आदर्शवादी हाथ ( ऐसे लोग शोधकर्ता होते है ये विचारो के पक्के होते है )
६ दार्शनिक हाथ ( ऐसे लोग हद से ज्यादा सोचने वाले होते है )
७ कोणिक हाथ ( ऐसे लोग बहुत ज्यादा बुदिमान किस्म के इंसान होते है )
८ मिश्रित हाथ  ( मिश्रित हाथ में सभी प्रकार के हाथो के गुण पाए जाते है !)
हाथो के प्रकारो के अध्यन के बाद अंगुलियों का अध्यन करना चाहिए ! अंगुलिया मुख्य रूप से ४ प्रकार की होती है !
१ नोकदार अंगुलिया
२ समकोण अंगुलिया
३ कोणिक अंगुलिया
४ चमसाकार अंगुलिया
अंगुलियों के बाद अंगूठे का भी विस्तृत अध्यन आवश्यक है !क्यूंकि हाथ में सिर्फ अंगूठे का विस्तृत अध्यन करके हम जातक के बारे में ७०% जानकारी प्राप्त कर सकते है !अगर बात की जाये अंगूठे की तो अंगूठे भी ५ प्रकार के होते है !
१ समकोण श्रेणी के अंगूठे ( ऐसे जातक पूर्ण रूप से सामाजिक और धार्मिक होते है !)
२ नोकदार अंगूठा ( ऐसे जातक शुक्र ग्रह से प्रभावित इंसान होते है ऐसे जातक ज्यादातर कलाकार होते है !)
३ कोणिक अंगूठा ( ऐसे लोग बुद्धिमान किस्म के इंसान होते है )
४ आयताकार अंगूठा ( ऐसे लोग जीवन में भौतिक सुखो को विशेष महत्व देते है ! ऐसे लोग दूसरे लोगो के दिमाग से संचालित होते है !)
५ चमसाकार अंगूठा  ( ऐसे जातक शोधकर्ता होते है ,इनको जीवन के सुरुवात के संघर्ष का सामना करना परता है !)
अंगूठे के अध्यन के बाद नाखुनो का भी विस्तृत अध्यन करना चाहिए !
नाख़ून भी मुख्य रूप से ५ प्रकार के होते है !
१ वर्गात्मक नाख़ून २ आयताकार नाख़ून ३ चमसाकार नाख़ून ४ कोणिक नाख़ून ५ नोकदार नाख़ून !
नाखुनो के अध्यन के बाद हमें ग्रहो का विस्तृत अध्यन करना चाहिए ! मुख्य ग्रह ९ होते है ,लेकिन हाथ में १२ ग्रहो का ाद्यान किया जाता है !जो की निम्नांकित है !
१ सूर्य ग्रह
२ चन्द्रमा ग्रह
३ गुरु ग्रह
४ चंद्र ग्रह
५ शनि ग्रह
६ शुक्र ग्रह
७ बुध ग्रह
८ राहु ग्रह
९ केतु ग्रह
१० प्लेटो ग्रह
११ नेप्चून ग्रह
१२ हर्सल ग्रह
इसके आलावा हाथ में मंगल पर्वत दो जगह देखा जाता है जिसे हम उच्च मंगल और निम्न मंगल के रूप में जानते है !
ग्रहो के अध्यन के बाद हमें रेखावो का अध्यन करना चाहिए ! हाथ में रेखा चार प्रकार की होती है !
१ मुख्य रेखाएं
२ लघु रेखाएं
३ सूक्षम रेखाएं
४ अति सूक्ष्म रेखाएं
अगर बात की जाये मुख्य रेखावो की तो इस श्रेणी में  १ जीवन रेखा २ मस्तिष्क रेखा ३ ह्रदय रेखा ४ भाग्य रेखा ५ विवाह रेखा ६ मणिबंद रेखा आती है !
उसके बाद बात करते है लघु रेखावो की ! इस श्रेणी में  १ सूर्य रेखा २ संतान रेखा ३ यात्रा रेखा स्वास्थ्य रेखा आदि आती है !
उसके बाद बात करते है सूक्ष्म रेखावो की इस श्रेणी में १ मंगल रेखा २ चंद्र रेखा ३ शुक्र रेखा ४ बुध रेखा ५ शुक्र वलय ६ गुरु वलय ७ शनि वलय ८ रवि वलय ९ प्रभावक और बाधक रेखा १० विद्या रेखा ११ विज्ञानं रेखा १२ भ्रात्र भगनी रेखा १३ मित्र और शत्रु रेखा १४ दुर्घटना रेखा आदि !
इसके बाद हमें अति सूक्ष्म रेखावो का अध्यन करना चाहिए ! अति सूक्ष्म  रेखावो की श्रेणी में  १ तारा २ द्वीप ३ त्रिभुज ४ क्रॉस ५ जाल ६ त्रिसूल ७ वर्ग ८ व्रत ९ यव १० संख ११ स्वीप १२ तम्बू १३ तिल आदि आते है !इस प्रकार हाथ का अध्यन करने के बाद ही  जातक को विश्लेषण बताना चाहिए !

Sunday, 27 January 2019

मस्तिष्क रेखा का सम्पूर्ण अध्यन १

नमस्कार दोस्तों जय गुरु देव ! नमो निखिलं ! दोस्तों आज हम बात करते है मस्तिष्क रेखा के बारे में !दोस्तों मानव जीवन में बुद्धिमता का विशेष महत्व है ,अगर इंसान बुदिमान है ,समझदार है !तो वो कैसी भी परिस्थिति से बहार आसकता है ! अगर बुद्धि का आभाव है तो इंसान को कितने भी अचे अवसर मिले वो उनका सदुपयोग नहीं कर पता है ,ऐसे में इंसान की बुद्विमता का पता होना अति आवश्यक है !इंसान की बुद्धिमता का परिक्षण हाथ में मस्तिष्क रेखा से किया जाता है ! इसके अलावा इंसान के जीवन में घटने वाली विशेष घटनाओ का पता भी मस्तिष्क रेखा से लगाया जा सकता है जैसे कोई मानसिक आघात ,सर में चोट ,मानसिक परेशानिया ,एक्सीडेंट आदि ! वैसे भी दोस्तों समस्त विश्व की उन्नति में बुद्धिमता का विशेष महत्व है ! दोस्तों मस्तिष्क रेखा हाथ में जीवन रेखा या गुरु पर्वत से सुरु होती है !जो की चल कर उच्च मंगल बुध पर्वत ,चंद्र पर्वत या हथेली के मध्य तक जाती है ! दोस्तों जैसा की पूर्व में भी मैंने बताया है कोई भी रेखा की तीन इस्थितिया होती है ! १ बहुत मोटी २ सामान्य ३ बहुत बारीक़ अब हमें देखना ये है की रेखा की स्थिति क्या है उसी के अनुरूप ही परिणाम होंगे !मानों रेखा बहुत ज्यादा मोटी और फैली हुयी है ऐसे में जातक मुर्ख किस्म का इंसान होगा वो बेपरवाह या लापरवाह किस्म का इंसान होगा !ऐसे लोग दुसरो के द्वारा संचालित इंसान होते है !ऐसे लोगो का समाज के विकाश में विशेष महत्व नहीं माना जा सकता ! अगर मस्तिष्क रेखा सामान्य मोटाई लिए हुए है तो ये अति उत्तम माना जा सकता है ! ऐसे इंसान बहुत ही बुदिमान किस्म के इंसान माने जा सकते है ! ऐसे लोगो का समाज के विकाश में काफी योगदान होता है !ऐसे लोग समाज को कोई नया अविष्कार कुछ नए विचार दे कर जाते है ! अगर मस्तिष्क रेखा बहुत ज्यादा बारीक़ है तो इंसान अस्थिर मस्तिष्क के इंसान होते है ,इनके विचारो में एक रूपता नहीं होती ऐसे लोग बार बार अपने विचार बदलते रहते है ! कई बार ऐसे लोग मानसिक बीमारियों के शिकार भी देखे गए है ! अगर बात करे उच्च श्रेणी की मस्तिष्क रेखा की तो गहरी गुलाबी सामान्य श्रेणी की मस्तिष्क रेखा हो ,जिसका उदय जीवन रेखा के साथ में हो ,जो उच्च मंगल तक निर्दोष रूप से पहुँचती हो ! ऐसी मस्तिष्क रेखा को उच्च श्रेणी की मस्तिष्क रेखा कहा जा सकता है !ऐसे लोग बुद्धिमान ,कल्पनाशील विवेकशील दूरदर्शी ,योग्य ,ज्ञानी निरणय अक्षमता वाले इंसान ,एकाग्रता ,स्फूर्तिवान ,उत्साहित व् साहसी इंसान होते है ! इसके विपरीत अगर मोटी या अस्पस्ट मस्तिष्क रेखा हो तो जातक में निरणय अक्षमता का आभाव होता है !ऐसे लोग दुसरो की सलाह से ही चलते है !ऐसे लोग अस्थिर विचारो वालो इंसान होते है !ऐसे लोग सनायु और ह्रदय रोगी या मानसिक रोगी हो सकते है ! अगर मस्तिष्क रेखा सीधी और सरल हो तो ऐसे जातको में व्यवहार कुशलता ,सुलझापन ,संतुलित विचारो वाले ,जिद्दी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित ,अध्यनशील ,कूटनीतिज्ञ किस्म के इंसान होते है ! इसके आलावा मस्तिष्क रेखा की विभिन प्रकार की इस्थितियो का भी विचार कर सकते है ! अगर मस्तिष्क रेखा सीधी उच्च मंगल तक जाती है तो जातक चालाक, समझदार ,अपने हित को साधने वाला इंसान होता है !लेकिन ऐसे लोग क्रोधी किस्म के इंसान होते है ! लेकिन अगर कनिष्ठका छोटी हो तो जातक में सीधापन होता है !अगर तर्जनी लाभ हो और सूर्य पर्वत और गुरु पर्वत उन्नत हो तो जातक बहुत ज्यादा पढ़ाकू किस्म का इंसान होता है ऐसे लोग बहुत ज्यादा ज्ञान अर्जित करते है ! अगर हाथ में अंगुलियों लम्भी हो , और बुध पर्वत उन्नत हो तो जातक बहुत अच्छा प्रबंधक होता है !अगर अंगुलियों की लम्बाई कम है तो सफलता में कमी मानी जा सकती है अगर अंगुलियों नुकीली हो तो जातक विद्वान् किस्म के इंसान होता है ! ऐसे लोग टेलेंटेड कलाकार भी हो सकते है !अगर हाथ में ह्रदय रेखा का भाव नजर आये तो जातक स्वयं पर बहुत खर्चा करने वाला इंसान होता है ! अगर दुर्बल कमजोर मस्तिष्क रेखा हाथ में हो तो दुसरो से ऑपरेट होने वाला इंसान होता है ,साथ में अगर अंगूठा छोटा हो तो जातक नीरा मुर्ख किस्म का इंसान होता है ! अगर मस्तिष्क रेखा कटी हुयी टूटी हुयी हो तो ये सुभ संकेत नहीं मान सकते ऐसे में असंतुलित मस्तिष्क ,पागलपन ,मातृवियोग ,दुर्घटना ,मानसिक चिंता का संकेत है ! अगर मस्तिष्क रेखा टूट कर ह्रदय रेखा की तरफ बडे या मस्तिष्क रेखा पर क्रॉस का निशान हो और नाख़ून छोटे हो तो जातक मिर्गी रोग से पीड़ित हो सकता है!अगर मस्तिष्क रेखा बीच में टूट कर उसको आरी रेखाएं काटे ह्रदय रेखा की एक शाखा भाग्य रेखा को काटे और विवाह रेखा या रोमांस रेखा में ब्रेक हो तो प्रियतम की मोत की सम्भावना मानी जा सकती है ! अगर मस्तिष्क रेखा पर क्रॉस हो या जाल हो या कोई दूसरी रेखा आकर मस्तिष्क रेखा को कटती है तो ऐसे में जातक चिन्ताओ से घिरता है !जातक को सिरदर्द जैसी बीमारी का सामना करना पर सकता है ,उतावलापन ,चोट लगने की सम्भावना ,मानसिक बीमारी ,निर्णय अक्षमता नहीं , https://amzn.to/2UolCH4

Tuesday, 15 January 2019

अगर आपके हाथ में है ऐसी भाग्य रेखा तो आप को मिलेगा उच्च पद


दोस्तों नमस्कार जय गुरु देव ! नमो निखिलं !दोस्तों आज हम बात करेंगे भाग्य रेखा की !दोस्तों वैसे तो इंसान के भाग्य के बारे में खा गया है !
जिस मनुष्य को थकने पर सवारी मिल जाये ,भूख लगने पर भोजन मिल जाये और प्यास लगने पर पानी मिल जाये !किसी प्रकार का भय उतपन होने पर रक्षक मिल जाये ,और समस्या उत्पन होने पर समाधान मिल जाये तो इंसान भाग्य साली होतa hai
लेकिन आज के समय में इंसान की जरूरते बहुत ज्यादा भड़ गयी है !इस लिए भाग्य साली इंसान की परिभासा कुछ और हो गयी है !जिस इंसान के पास सब कुछ आवशयकता से अधिक है तो उसे ही भाग्य साली माना गया है !ऐसे इंसान के बारे में जानने के लिए इंसान के हाथ में भाग्य रेखा का अध्यन करना चाहिए!
अगर भाग्यरेखा जीवन रेखा ,मणिबंद ,या चंद्र पर्वत से सुरु हो कर निर्दोष रूप से भाग्य रेखा तक पहुँचती है तो ऐसे इंसान उत्तम भाग्य के मालिक होते है !अचे भाग्य का मालिक जिस घर में पैदा होता है उस घर का भाग्य बदल जाता है या ये खु उस घर में रहने वाले सभी लोगो का भाग्य अच्छा हो जाता है !
पतले और सूखे हाथ में भाग्य रेखा इतना ज्यादा प्रभाव नहीं दिखाती जितना मोटे और मांसल हाथ की भाग्य रेखा दिखाती है !अगर भाग्य रेखा से कई शाखा निकल रही हो तो ये एक उत्तम संकेत माना जा सकता है !जिस आयु में भाग्य रेखा से कोई शाखा निकल कर जिस छेत्र में जाती हुयी दिखाई दे उस आयु में इंसान के जीवन में विशेष उपलब्धि प्राप्त होगी !अगर ये शाखा गुरु पर्वत की तरफ जाती हुयी दिखाई दे तो इंसान को उस आयु में उच्च पद की प्राप्ति होगी !ऐसे इंसान की हर इच्छा पूरी हो जाती है !ऐसे इंसान गरीबी में पैदा हो कर करोड़ो अरबो के मालिक होते है !अगर ये शाखा बुध पर्वत पर जाये तो इंसान को व्यापार में उन्नति होती है !ऐसे इंसान अचे सलाहकार ज्योतिषी अच्छे वकील होते है !इसके आलावा ऐसे लोग अच्छे इंजीनयर भी हो सकते है !अगर शनि पर्वत के निचे जा कर भाग्य रेखा दिवसाखि हो जाये तो ऐसे इंसान जवानी में कितनी भी मुसीबतो का सामना करे लेकिन भूड़ापा बड़े आंनद से गुजरता है !ऐसे लोगो को कोई भी घटना घटित होने से पूर्व आभाष हो जाता है !अगर भाग्य रेखा शनि पर्वत के निचे त्रिसूल बनाये तो ऐसे लोगो को सिव की उपाशना करनी चाहिए ! अगर भाग्य रेखा की सुरुवात हथेली के मध्य से होती है तो ऐसे में इंसान ३५ वर्ष की आयु तक काफी संघर्ष का सामना करता है ,उसके बाद ही उसका भाग्य उदय होता है !

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Monday, 14 January 2019

If these sun marks appear on the sun, such people get fame in religion, business, art and politics.

Friends greetings Jai Guru Dev, Namo Nikhilan! Friends, we have the traces of triangle, square, rectangle, cross, star, sesame etc. in our hands! If this trail appears on the sun mountain, Is going to discuss!

 (1) Friends, if a star sign appears on the sun mountain, then such a person achieves success after hard work in life! Such a person receives honor and wealth in old age, many times the person also receives high posts in old age Such a person is good health in old age!

But if the Sun Mount is pressed then the potential of the Jatak gets success! If honor is given in old age, then the person does not enjoy his happiness.

(2) If the sign of the cross on the sun mountain is visible then it is an inauspicious sign! Such a person has to face failure many times in life, such people can also go to jail! Such people lose their wealth in gambling spec.!

Such people are also exposed to nonchalant women! Due to wrong karmo, many times lose life too!

Such people can be afflicted with heart and brain-related illnesses! Such a person has to face failure in the field of art and business!

(3) If the trail of the triangle is visible on the sun mountain, then it is a very auspicious sign! Such people get fame in religion karma, business, art, and politics, etc. Such people are compassion, charity, kind, and human being. Such people are not proud of their worth! Such people are intelligent people, they get respect and respect in the higher positions in society!

But if this triangle is faulty then its effect turns out to be opposite, such a person has to face a lot of failure in life, and without any reason, the information has to face!

But if the Sun Mountains are advanced and there is good sun line then such people get success in life!

(4) If the mark of angle is visible on the sun mountain, it can also be considered a good sign, but there is a condition if the angle is more angle, then such a person receives honor and wealth in the field of art. Can be a craftsman!

But if the angle is right or low, then the person has to face infamy due to his knowledge in life!

(5) If there is a trace of the net on the sun mountain, it can not be considered an auspicious sign, such people are a type of human being, they can be considered as a person of a defective person! They can also call us crazy people! The person is facing reflection because of his character! Such people can not be counted worthy of faith!

Such people are arrogant and hypocritical people, even if there is a trace of the trap on Chandra Mountain beside the Sun Mount, such a person becomes mad by going to jail!

(6) If the mark of the black mole is visible on the sun mountain, then it is very inauspicious! In such a life, there are people who fail to perform disgrace and humiliation! Such people also travel in jail! Such people are the people who perform such deeds as theft of Yuva
speculation and prostitution!

(7) If the mark of the fast is visible on the sun mountain, then it is an auspicious sign! Such people travel abroad many times, such people get world renown in the field of art! And they achieve higher rank!

(8) If the sign of the island is visible on the sun mountain, then it is not an auspicious sign! This mark shows the lack of ability in the jatak! Such people see the face of failure in life, such people are a criminal variety, they are There is a lot of defamation in life! Such people suffer from bile disease

(9) If the sign of a circle on the sun mountain is visible, then it is an auspicious sign that such a person receives honor and wealth in life!

(10) If the sculpture of the Sun appears on the sun mountain, it is a very good sign that such people have left the heights in life, but there is no misty pride at all!

Friends hope you will love the article today, yet your comments will definitely wait!

Thank you

चमसाकार हाथ के आकार वाले इंसान होते है शोध कर्ता !

नमस्कार दोस्तों जय गुरु देव जय माँ पंचांगुली देवी ! दोस्तों किसी भी इंसान बारे में जानने के लिए सम्पूर्ण हाथ के अध्यन से पहले अगर हम सिर्फ...