कैसे इंसान के साथ आपका जीवन खुशहाल हो सकता है ?

हमें जीवन में अनेक लोग मिलते है ,जिनमे कुछ इंसानो के साथ हमारा रिस्ता लम्बा चलता है ,तो कुछ इंसान जीवन में कुछ समय के लिए आते है और चले जाते है !लेकिन जिनके साथ पूरा जीवन गुजरना है उनमे कुछ लोगो को हम नहीं चुनते है लेकिन कुछ लोगो का चयन हम खुद करते है ! जैसे मित्र ,व्यापारिक साझेदार पति पत्नी !अगर हमें इस बात का ज्ञान हो कि किस इंसान से रिस्ता बनाना हमारे लिए सखुद है तो हम उनका चयन सोच समझ कर कर सकते है !
आज हम ऐसी बात कि चर्चा करेंगे कि सही मायने में अचे लोगो के हाथो में कैसे निशान पाए जाते है !
अगर हाथ का आकार समकोण है ,या प्रारम्भिक हाथ है  या दार्शनिक है तो ऐसा जातक सात्विक किस्म का इंसान होता है !ऐसे इंसान बुद्धिमान इंसान होते है !ऐसे लोग संस्कारी धार्मिक और सामाजिक होते है !अगर हाथ का आकार दार्शनिक किश्म का है तो जातक धार्मिक सात्विक और बुद्धिमान होते है ! ऐसे हाथ कि पहचान ये लम्बा पतला कुछ फुला हुवा ,कुछ लचकीला ,कोमल ,नुकीला मलबे नाख़ून ,पतली और टेडी अंगुलिया गठीले जोड़ वाली अंगुलिया हो अंगुलियों में छिद्र हो तो ऐसे हाथ दार्शनिक हाथ कहलाता है !ऐसे लोग बूढी जीवी ,तार्किक ,विद्वान ,दार्शनिक ,विचारक धीर घम्बीर ,अंतर्मुखी ,हर बात को सोच समझ कर बोलने वाले इंसान , धार्मिक ,श्रद्धालु ,सचरित्र ,अध्यात्मवादी ,किसी प्रकार के नशे से दूर रहने वाले इंसान ,सौंदर्य प्रेमी ,समय के पाबंद ,दूसरे कि बात मानने वाले ,देश व् समाज के लिए कुछ करने वाले इंसान लालची नहीं ,सम्मान के अभिलाषी ,साहित्य निर्माता ,वक़्ता, कलाकार ,कवी ,सहज भावी ,दूरदर्शी इंसान होते है ऐसे लोगो से रिस्ता बनाने पर आप हमेसा सुख का अनुभव करेंगे !
अगर हाथ का आकार समकोण या वर्गाकार है तो जातक पूर्ण रूप से धार्मिक सामाजिक ऐसे हाथ कि मुख्य पहचान हाथ चौकोर होता है ,हथेली अंगुलिया अंगूठा सभी चौकोर होते है !अंगुलियों के बीच में छिद्र नहीं होते है ! नाख़ून वाले भाग पर मांश कम होता है !देखने में ये हाथ सूंदर होता है ,
समकोण हाथ वाला जातक धार्मिक व् सामाजिक माना गया है  ऐसे लोगो के हाथ में गुरु उभरा हुवा होता है ऐसे में जातक में शाशन कि योग्यता होती है !ये बुद्धिमान किस्म के इंसान होते है ,इनमे संस्कार कूट कूट कर भरे होते है !इनको आप रूढ़िवादी भी कह सकते हो !इनमे नम्रता कूट कूट कर भरी होती है  ये सम्मान देते है और सम्मान लेते है !तो ऐसे लोगो से भी रिस्ता बनाना उत्तम माना जा सकता है !
अगर हाथ का आकार प्रारम्भिक हाथ कि श्रेणी में आता है तो ये भी उत्तम है ! प्रारम्भिक श्रेणी के हाथ कि पहचान ये हाथ सरीर के अनुपात में बड़ा हाथ ,गुदगुदा,लम्बा ,चोरा हाथ देखने में भारी हाथ ,अंगुलिया लम्भी और पतली ,हाथ नरम हथेली का रंग गुलाबी ,उत्तम भाग्य रेखा ,लगभग सभी पर्वत उभरे हो ऐसे हाथ को हम प्रारम्भिक हाथ कहते है !ऐसे इंसान समाजिक ,धार्मिक ,व् संस्कारी किश्म के लोग होते है !ऐसे लोग जीवन में अनेक बार दान देते है !ऐसे लोग खुद तो कभी झगड़ा करते ही नहीं है बल्कि ऐसे लोग बीच में मध्यस्थ बन कर दुसरो के झगड़े भी सुलटा देते है ! इनका कुटुम्भ बड़ा होता है और सभी लोग समाजिक और संस्कारी किश्म के इंसान होते है !लगभग सभी कि आर्थिक इस्थ्ती अछि होती है !है ये न तो दुशरो के काम में अड़ंगा लगाना खुद पसंद करते है न ही कूद दुसरो के काम में अड़ंगा लगते है !ये बड़ो का सम्मान व् छोटो से स्नेह रखने वाले इंसान होते है !ऐसे लोग जीवन में अनेक बार सामाजिक सेवा के कार्य करते है !
इस लिए मेरा मानना है कि ऐसे लोग से अगर इंसान जीवन में कोई भी रिस्ता बनाएगा तो कभी भी घाटे का सौदा नहीं हो सकता इस लिए हमेसा सोच समझ कर ही रिश्ते बनाये ! धन्यवाद !
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