Thursday, 21 December 2017

चमसाकार हाथ

आज हम बात करेंगे चमसाकार हाथ की.चमस्कार हाथ की पहचान क्या है? ये हाथ देखने में चमचे की तरह होता है. इनकी उंगलिया भी चमचे के आयकर की होती है या आगे से चोरी होती है,इनके उंगलियों के बीच में छिद्र पाए जाते है,इनकी उंगलिअ विशेष रूप से टेडी मेडी नहीं होती,विशेष टेडी मेडी उंगलिया हाथ की उत्तमता भड़ाती  है.!चमस्कार हाथ में मंगल आवर गुरु मुख्य रूप से उभरा हुवा होता है,ऐसे हाथ में सनी दबा हुवा होता है,बुध की ऊँगली विशेष रूप से टेडी होती है!हाथ न बड़ा न ही छोटा समकोण हाथ से मिलता जुलता होता है !चमस्कार हाथ की जीवन रेखा में कोई न कोई दोष जरूआर होता है,हाथ में हारते लाइन की कोई न कोई ब्रांच माइंड लाइन को जरूर टच करती है.!चमसाकार हाथ में भाग्ये रेखा हमेसा जीवन रेखा से ही निकलती है,अगर भ्ग्ये रेखा अलग से भी आरही है तो वो किसी न किसी रूप से जीवन रेखा को छूती हुयी जाएगी ! इनके हाथ में आन्तरा ज्ञान रेखा सूर्ये रेखा मंगल रेखा बाद में ही बनती है !सुरु में रेखाएं काम होती है लेकिन जैसे उम्र भड़ैती जाती है वैसे वैसे दूसरी  बनती जाती है !
ऐसे इंसान क्रन्तिकारी होते है,जल्द बाज गर्म मिजाज वाले होते है !दबाब में जीना इनके बस की बात नहीं है !ये पूर्ण रूप से सेल्फ मेड होते है!ये सभी काम खुद के पिरो पे खरे हो कर करना पसंद करते है ! ये जीवन में किसी पर भी बोझ बनना पसंद नहीं करते !इनको जीवन के सुरुवात के संघर्ष का सामना करना परता है, इनको बचपन में बहुत रोने की आदत होती है,इनको पारिवारिक सन्ति काम ही मिलती है !इनको अपने परिवार से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलती है,ऐसे इंसान पहले नौकरी बाद में व्यापर करते है,ये सवाभिमानी कठोर आवर कोमल दोनो तरह के सवभाव वाले इंसान होते है,ये व्यवहरिक आवर स्पस्टता वादी इंसान होते है,लेकिन बहुत जल्दी परेशान हो जाते है,इनके मन में अगर कोई सवाल आज्ञा तो जब तक उसका हल नहीं होगा ये बेचैन रहेंगे !

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