Wednesday, 10 October 2018

शुक्रवलय ओर उसका महत्व

दोस्तो नमस्कार।जय गुरु देव।दोस्तो इंसान को जिंदगी जीने के लिए एक साथी चाहिए। उसी के साथ मिल कर इंसान संतान उत्तपत्ति करता है।उसी के साथ आने सुख और दुख साझा करता है।जिसे हैम ग्रस्थ जीवन का नाम देते है।
किसी भी इंसान का ग्रस्थ् जीवन जानने के लिए हाथ मे शुक्रवलय का अध्यन विशेष महत्व रखता है।
कोई रेखा तर्जनी अंगुली से सुरु होकर कनिष्ठका से पहले खत्म होती हो ऐसी रेखा को शुक्रवलय कहते है।
जिन लोगो के हाथ मे शुक्रवलय होता है क्या तो उनका विवाह होगा ही नही।अगर होगया तो वैवाहिक जीवन परेशानियों भरा होगा।
अगर इंसान के हाथ मे एक से अधिक शुक्रवलय रेखा है तो जातक एक से अधिक विप्रीतलिंग से सम्बन्ध बनाएगा।लेकिन मानसिक रूप से संतुस्ट नही हो पायेगा।
अगर शुक्रवलय रेखा टूटी हुई है तो जातक निम्न श्रेणी के इंसान से सम्बंध बनाएगा।
अगर हाथ मे शुक्रवलय है और चन्द्र पर्वत उन्नत है तो जातक योन साहित्य की रचना करता है।
यदि शुक्रवलय पर द्वीप का निशान है तो जातक प्रेमी या प्रेमिका के सडयंत्र में फंश कर मारा जाता है।
यदि शुक्रवलय को सूर्य रेखा काटती हो तो जातक लमपट किस्म का इंसान होता है।
यदि शुक्रवलय को छोटी छोटी रेखाएं काटती हो तो जातक कामुक होता है।
शुक्रवलय को सहायक ह्रदय रेखा भी कह सकते हो।
अगर शुक्रवलय पर तारे का निशान है तो जातक गुप्त रोग से पीड़ित है।अगर जातक का सूर्य कमजोर है तो परस्त्री या पर पुरुष गामी इंसान होगा,हिस्टीरिया जैसे रोग से पीड़ित होगा।
टूटी हुई शुक्रवलय रेखा जातक को उतेजित करती है घबराहट पैदा करती है।
अगर अगर शुक्रवलय बुध या मंगल तक पहुच जाए ,ओर हाथ का आकार समकोण है।और हाथ भारी है तो जातक मानसिक रूप से कामुक होता है,ऐसा जातक कामुक साहित्य का अध्यन करने वाला होता है।
ऐसा जातक बाजारू ओरतो के पास जाता है।और समाज को ठगता है।
Palamist Rataan 8107958677

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